|| 365-दिन स्टॉक मार्केट मास्टर प्लान ||
“Price बढ़ता है या गिरता है, लेकिन RSI बताता है कब वो थक रहा है।”
1. RSI (Relative Strength Index) क्या है?
RSI एक momentum oscillator है जो बताता है कि कोई stock
overbought (बहुत खरीदा गया) है या oversold (बहुत बेचा
गया)।
- Scale:
0 से 100
- 70 =
Overbought → बिकने का दबाव आ सकता है
- <30
= Oversold → खरीदने का मौका मिल सकता है
2. RSI कैसे काम करता है?
- RSI पिछले 14
candles का momentum compare करता है
- RSI बढ़ता है
जब price तेजी से ऊपर जाता है
- RSI गिरता है
जब price नीचे आता है
3. RSI Levels का अर्थ:
|
RSI Value |
Meaning |
Action |
|
>70 |
Overbought |
सतर्क रहें, गिरावट आ सकती है |
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50-70 |
Strong uptrend |
तेजी जारी रह सकती है |
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30-50 |
Weakness zone |
गिरावट की संभावना |
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<30 |
Oversold |
Reversal का मौका |
4. RSI Divergence (Hidden Clues):
Bullish Divergence:
- Price बना रहा
है lower low
- RSI बना रहा
है higher low
→ गिरावट कमजोर हो रही है, reversal possible
Bearish Divergence:
- Price बना रहा
है higher high
- RSI बना रहा
है lower high
→ तेजी थक रही है, गिरावट संभव
5. Chart पर Task:
Stock: Tata Steel
- Daily
chart खोलें
- RSI
Indicator लगाएं (14-period default रखें)
- नोट करें:
- क्या RSI >70 या <30 पर गया है?
- किसी भी divergence को पहचानें
- RSI का slope किस direction
में जा रहा है?
6. Strategy Practice:
- अगर RSI
>70 हो और price resistance के पास हो
→ profit booking या short
की तैयारी
- अगर RSI
<30 हो और price support के पास हो
→ bounce का मौका
- RSI
Divergence मिलने पर trade plan करें (with
stop-loss)
7. Guru Gyaan:
“RSI price की धड़कन है,
जब ये तेज
धड़कता है, तो market थकता है।
जब ये शांत
होता है, तो बड़ी चाल की तैयारी करता है।”