|| 365-दिन स्टॉक मार्केट मास्टर प्लान ||
“छोटे स्तरों को जानो, बड़ा फायदा पाओ।”
1. Pivot Point क्या है?
- Pivot
Point एक तकनीकी स्तर है जो पिछले दिन के High, Low और Close
प्राइस से कैलकुलेट होता है।
- इसका
उपयोग अगले दिन के Potential Support और Resistance लेवल्स को
जानने के लिए किया जाता है।
2. Pivot Point Calculation:
- Pivot
Point (P) = (High + Low + Close) / 3
- Resistance
1 (R1) = (2 × P) – Low
- Support
1 (S1) = (2 × P) – High
- Resistance
2 (R2) = P + (High – Low)
- Support
2 (S2) = P – (High – Low)
3. कैसे उपयोग करें:
- जब प्राइस
Pivot Point के ऊपर हो, तो बाजार Bullish माना जाता
है।
- Pivot
Point और R1 के बीच प्राइस की मजबूती को देखें।
- प्राइस S1
के नीचे गिरे तो Downtrend का खतरा
हो सकता है।
4. Practical Task:
- अपने
पसंदीदा स्टॉक के पिछले दिन के High, Low, Close नोट करें।
- ऊपर दिया
फॉर्मूला से Pivot Point, R1, S1, R2, S2 निकालें।
- अगले दिन
का चार्ट देखें और इन लेवल्स पर प्राइस की प्रतिक्रिया का अध्ययन करें।
- नोट करें
कि प्राइस कब Pivot Point से टकराकर पलटा या तोड़ा।
5. ट्रेडिंग टिप:
- Pivot
Points के साथ Volume और Candlestick Patterns का भी
ध्यान रखें।
- ये लेवल्स
Intraday और Swing Trading दोनों में
उपयोगी हैं।
6. आज का मंत्र:
“चोटे स्तर जानो, बड़ा बाजार जीत लो।”
महत्वपूर्ण: यह सामग्री केवल शिक्षा और सामान्य जानकारी के लिए है। यह buy/sell recommendation, investment advice या assured-return claim नहीं है। किसी भी financial decision से पहले अपने उद्देश्यों और risk capacity के अनुसार independent advice लें।