|| 365-दिन स्टॉक मार्केट मास्टर प्लान ||
“जहां अधूरापन है, वहां वापसी तय है।”
1. Poor High और Poor Low क्या होते हैं?
- ये Market
Profile टर्म हैं जो दिखाते हैं कि मार्केट ने अपनी रेंज को पूरी तरह टेस्ट नहीं किया।
- जब
डेवलपिंग प्राइस एकदम सपाट या दो टाइम फ्रेम्स तक ठहर जाता है –
- Poor
High: सपाट टॉप, बायर्स की कमजोरी
- Poor
Low: सपाट बॉटम, सेलर्स की कमजोरी
2. कैसे पहचानें?
- MP चार्ट में
देखें कि
- क्या हाई एक ही प्राइस पर दो बार बना है?
- क्या TPO लेटर्स (A, B,
C…) ऊपरी या निचले लेवल पर लाइन में हैं?
- क्या ब्रेकआउट की कोशिश अधूरी रही?
Example:
TPO High –
J
I
H
=> Poor High
3. Poor High/Low के संकेत:
- मार्केट
वहां दोबारा जाएगा उसे “रिपेयर” करने।
- Poor
High = Sellers active हो सकते हैं।
- Poor
Low = Buyers वापसी कर सकते हैं।
4. प्रैक्टिकल टास्क:
- किसी भी
इंडेक्स (जैसे Nifty) का पिछले 2 दिन का MP चार्ट
देखिए।
- Poor
High या Low ढूंढिए।
- नोट करें
कि अगले दिन क्या उस लेवल की रिपेयरिंग हुई?
5. स्टडी टिप:
- Poor
High और Poor Low सिर्फ एक सिग्नल है, कन्फर्मेशन
के लिए VWAP या वॉल्यूम भी चेक करें।
- यह reversal
या continuation दोनों का
संकेत दे सकता है।
6. आज का मंत्र:
“जहां अधूरा छूटा है, वहां बाजार लौटेगा – यह
उसकी फितरत है।”
महत्वपूर्ण: यह सामग्री केवल शिक्षा और सामान्य जानकारी के लिए है। यह buy/sell recommendation, investment advice या assured-return claim नहीं है। किसी भी financial decision से पहले अपने उद्देश्यों और risk capacity के अनुसार independent advice लें।